
ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन की स्थापना 25 नवंबर 2015 को दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्था सोइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट २१, १८६० के तहत सरकार द्वारा निबंधित है | हमारी संस्था ग्रामीण चिकित्सको को सरकार से सहयोग प्राप्त कर प्रशिक्षित करते हैं जिससे ग्रामीण जनता झोला छाप डाक्टर के दोहन से बच सके और उनका इलाज़ समुचित ढंग से हो सके | संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सको के कल्याणार्थ कार्यक्रम प्रस्तुत करती हैं और उनकी समस्या को सरकार तक पंहुचा कर उनका निदान करने का प्रयास करती है
ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन के सदस्य गांव के लोगों के तत्परता के साथ जुड़े हुए हैं और ग्रामीण समुदाय के साथ मिलकर आवाज बुलंद करने में मदद करते हैं। हमारा योगदान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण है, खासकर वहां के लोगों के लिए जिनके पास स्वास्थ्य सुविधाएँ कम होती हैं। एसोसिएशन ने स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, बिमारियों के प्रति समझ बढ़ाने, और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं ग्रामीण चिकित्सक अपनी जान हथेली पर रखकर पूरी तत्परता के साथ गांव के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं. कम खर्चे में बेहतर इलाज का हुनर सिर्फ ग्रामीण डॉक्टरों के पास है. वैश्विक महामारी कोरोना काल में इन्होने ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवा देकर समाज को संकट काल स्थिति से बचाने का कार्य किया है| वस्तुतः ग्रामीण चिकित्सक सुदूरवर्ती भारतीय क्षेत्र के चिकित्सा की रीढ़ हैं |
